भारत और श्रीलंका से प्याज कारोबार को बड़ी राहत: निर्यात में तेजी और आयात के लिए नई तैयारी

दक्षिण एशिया के प्याज व्यापार (South Asia Onion Trade) में इस समय बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। भारत में प्याज निर्यात 2025 की शुरुआत से ही तेज रफ्तार पकड़े हुए है, जबकि श्रीलंका ने प्याज और आलू की खरीद, भंडारण और आयात के लिए बड़ा बजट जारी कर दिया है। इससे आने वाले महीनों में प्याज कारोबार में नई तेजी देखी जाएगी।

Contents hide
📢 खास जानकारी
सरकारी योजनाओं की अपडेट के लिए WhatsApp ग्रुप जॉइन करें।
जॉइन करें
📢 जरूरी सूचना
मंडी भाव और योजना अपडेट WhatsApp Channel पर पाएं। फॉलो करें

भारत के प्याज निर्यात में जबरदस्त उछाल – Onion Export India 2025

भारत ने 2025 में प्याज निर्यात के मामले में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की है।
पिछले साल निर्यात पर रोक और 40% टैक्स की वजह से व्यापार प्रभावित था, लेकिन इस साल जैसे ही रबी प्याज बाजार में आई—

सरकार ने तुरंत:

✔ निर्यात टैक्स हटाया
✔ निर्यात पाबंदियाँ खत्म कीं
✔ ट्रेड रूट्स को फिर से सक्रिय किया

इसके बाद निर्यात तेज गति से आगे बढ़ा है।

निर्यात आंकड़े (Latest Trend):

  • 2024 में जुलाई तक → 2.87 लाख MT
  • 2025 में जुलाई तक → 6–7 लाख MT

यह आंकड़ा पिछले 11.5 लाख MT के रिकॉर्ड को भी तोड़ सकता है।

नासिक से कर्नाटक तक मांग जबरदस्त

भारत की प्याज दुनिया भर में स्वाद, रंग और भंडारण क्षमता के लिए जानी जाती है। खासकर:

✔ नासिक की GI टैग वाली प्याज

नासिक का वैश्विक बाजार में बड़ा प्रभाव है।
GI-tag बन जाने से इसकी पहचान और कीमत दोनों मजबूत हुई हैं।

✔ कर्नाटक–बेलारी की Red Rose Onion

यह अपनी चमकदार लाल रंग और लंबी shelf-life के कारण Gulf देशों में लोकप्रिय है।

यही कारण है कि Middle East और South Asia में Indian Onion की मांग लगातार बढ़ रही है।

दुबई बाजार से अच्छी खबर – Dubai Onion Market Price

दुबई में दिवाली के बाद प्याज के दाम थोड़े गिरे थे, पर अब कीमतें स्थिर होकर:

👉 2 से 2.25 दिरहम प्रति किलो के बीच पहुँच गई हैं।

यह कीमत किसान और निर्यातदार दोनों के लिए फायदेमंद है। इससे Indian Onion Exporters को स्थिर मार्केट मिलता है और किसानों को बेहतर रेट।

श्रीलंका ने प्याज और आलू के लिए $3.2 Million का बजट मंजूर किया

श्रीलंका सरकार ने प्याज और आलू के आयात व भंडारण के लिए 3.2 मिलियन USD की राशि जारी की है।

यह बजट खर्च होगा:

✔ सरकारी खरीद (Government Procurement)
✔ प्याज भंडारण (Storage System)
✔ बाजार स्थिरता (Price Stabilization)
✔ आयात (India से सप्लाई सहित)

क्यों जरूरी पड़ा यह बजट?

श्रीलंका में घरेलू प्याज 15 नवंबर के बाद खत्म होने लगती है, इसलिए आयात बढ़ाना जरूरी है।

हालांकि फिलहाल उन्होंने प्याज पर Import Tax बढ़ाया है ताकि स्थानीय किसानों को सुरक्षा मिल सके।
लेकिन नवंबर के आखिरी हफ्ते से भारत से प्याज आयात फिर शुरू होने की संभावना है।

दक्षिण एशिया प्याज व्यापार में नई जान

भारत निर्यात बढ़ा रहा है, और श्रीलंका आयात और भंडारण के लिए बजट मंजूर कर चुका है।
इससे प्याज व्यापार में कई फायदे देखने को मिलेंगे:

✔ भारत को मिलेगा वैश्विक निर्यात में मजबूत स्थान

Middle East, Sri Lanka, Bangladesh और Nepal को सप्लाई बढ़ेगी।

✔ श्रीलंका को मिलेगी स्थिर सप्लाई

उनकी स्थानीय फसल खत्म होने के बाद भारत ही मुख्य सप्लायर होगा।

✔ किसानों को बेहतर दाम

उत्पादकों को ग्लोबल डिमांड का सीधा फायदा मिलेगा।

✔ व्यापारियों को साफ रास्ता और स्थिरता

निर्यात टैक्स हटने से ट्रेड में रुकावट खत्म हो गई है।

निचोड़

भारत के प्याज निर्यात में तेजी और श्रीलंका के आयात बजट दोनों मिलकर पूरी प्याज इंडस्ट्री में नई मजबूती ला रहे हैं।
आने वाले महीनों में South Asia में प्याज व्यापार और तेजी पकड़ सकता है।

इससे:
👉 किसानों को बेहतर दाम
👉 व्यापारियों को स्थिर बाजार
👉 और उपभोक्ताओं को संतुलित कीमतों का लाभ मिलेगा।

📣 किसान भाइयों!
ताज़ा मंडी भाव पाने के लिए WhatsApp ग्रुप से जुड़ें। जॉइन करें

Leave a Comment