डेयरी फार्मिंग लोन (Dairy Farming Loan) का मतलब है उन ऋण योजनाओं से है जो विशेष रूप से डेयरी व्यवसाय शुरू करने या बढ़ाने के लिए किसानों, डेयरी उद्यमियों को मिलती हैं। इस लोन के माध्यम से आप मिल्क उत्पादन, पशु खरीद, डेयरी इकाई निर्माण, मिल्क कूलर, मिल्क वैन, फीड सिस्टम आदि के लिए वित्तीय सहायता ले सकते हैं।
जब आप “डेयरी फार्मिंग लोन” की खोज करते हैं, तो मिलेंगे ऐसे बैंक व सरकारी कार्यक्रम जो टैगलाइन के रूप में “डेयरी लोन”, “डेयरी फैमिंग लोन”, “डेयरी फार्म लोन योजना” आदि शब्दों के साथ दिखाई देते हैं।
भारत में प्रमुख लोन-स्कीम्स और बैंक ऑफ़र
1. सरकारी स्कीम्स
- Dairy Entrepreneurship Development Scheme (DEDS) : इस योजना के तहत नए डेयरी यूनिट्स, मिल्क प्रॉसेसिंग, मिल्क कूलिंग इक्विपमेंट इत्यादि के लिए सब्सिडी व लोन सुविधा है।
- National Bank for Agriculture and Rural Development (NABARD) अप्रोव्ड लोन स्कीम्स : उदाहरण के लिए “NABARD Dairy Farming Loan Scheme” जहाँ ब्याज दरें 4-7% तक कम हो सकती हैं (सब्सिडी सहित)।
- Animal Husbandry Infrastructure Development Fund (AHIDF) मर्ज होकर बनी स्कीम्स : डेयरी इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए इन्वेस्टमेंट पर इंटरेस्ट सब्सिडी मिलती है।
2. बैंक एवं वित्तीय संस्थान
- Federal Bank : “Dairy Farm Business Loan” नाम से ऑफर देती है — नए या विस्तार वाले डेयरी फार्म के लिए, टर्म लोन या वर्किंग कैपिटल के रूप में।
- Bank of Baroda : “Scheme for Financing Mini Dairy Units” नाम से स्कीम है — 2-10 मिल्च पशु वाले यूनिट्स के लिए।
- Central Bank of India : “Cent Dairy Scheme” के तहत लोन की सुविधा और मार्जिन व ब्याज दरें थीं।
पात्रता (Eligibility) और जरूरी दस्तावेज़
पात्रता
- बैंक की स्कीम के अनुसार किसान, डेयरी उद्यमी, समूह / JLG या पार्टनरशिप-फर्म हो सकती है। उदाहरण के लिए Federal Bank में वृद्ध विस्तार के लिए भी लोन मिलता है।
- मिनी यूनिट स्कीम (Bank of Baroda) में 2-10 milch पशु वाला सेटअप होना चाहिए।
जरूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट / राशन कार्ड (पहचान)
- बैंक पासबुक, खाता विवरण (बैंक संबंधी)
- जमीन / पालतू पशु संबंधी दस्तावेज़ या पट्टा (यदि जरूरत हो)
- बैंक व स्कीम के अनुरूप प्रोजेक्ट रिपोर्ट या व्यवसाय योजना (कैसे उपयोग होगा लोन) — सहकारी डेयरी लोन में यह ज़रूरी बताया गया।
ब्याज दरें, मार्जिन और चुकौती अवधि
- सरकारी एवं बैंक स्कीम में ब्याज दरें लगभग 7%-12% प्रति annum के बीच होती हैं।
- Cent Dairy Scheme में मार्जिन राशि (उदाहरण के लिए 10 %–20 %) तय है — जैसे लोन ₹1 लाख से ऊपर-उपरिग्रहित होने पर मार्जिन 10 %–20% तक।
- बैंक ऑफ बड़ौदा की मिनी यूनिट स्कीम में, लोन upto — नए यूनिट्स के लिए 2-10 पशु, कम मार्जिन, निःशुल्क प्रोसेसिंग चार्ज आदि।
- चुकौती अवधि (Repayment) आमतौर पर 3-7 वर्ष या स्कीम के हिसाब से 5-10 वर्ष तक होती है। उदाहरण के लिए DEDS में 3-7 साल की अवधि का उल्लेख है।
“कैसे आवेदन करें” – स्टेप बाय स्टेप
- अपने स्थानीय बैंक / सहकारी बैंक / डेयरी बैंक ब्रांच जाएँ और देखें कि उन-की “डेयरी फार्मिंग लोन” सुविधा उपलब्ध है या नहीं।
- एक सरल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करें — उसमे लिखें: कितने पशु होंगे, shed का निर्माण होगा या नहीं, फीड का प्रबंध कैसे होगा, मार्केट कहाँ होगा (दूध सप्लाई), खर्चा कितना होगा, अनुमानित आय कितनी होगी।
- जरूरी दस्तावेज़ इकट्ठा करें (पहचान, बैंक खाता, जमीन/ पट्टा, पशु सूची आदि)।
- बैंक स्कीम के अनुसार आवेदन फार्म भरें और जमा करें। यदि बैंक के पास स्कीम नाम है जैसे DEDS, AHIDF आदि – तो पूछें सब्सिडी व ब्याज-छूट के बारे में।
- बैंक लोन स्वीकृति के बाद कार्य प्रारंभ करें — पशुओं की खरीद, शेड निर्माण, दूध संग्रह हेतु उपकरण आदि। सूचित रखें कि लागत बैंक द्वारा तय प्रोजेक्ट लागत के अनुरूप हो।
- लोन चुकौती शुरुआत पहले से तय अवधि पर करें। लोन समय पर चुकाने से बैंक क्रेडिट इतिहास बेहतर होता है और भविष्य में अन्य योजनाओं हेतु लाभ मिलता है।
लाभ और क्या-क्या ध्यान रखें
लाभ
- डेयरी फार्मिंग लोन से छोटे किसान भी डेयरी व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
- दूध उत्पादन बढ़ाने, उद्योग-स्तर पर जाने की संभावना होती है।
- सरकारी-सब्सिडी व कम ब्याज दरें मिलने का अवसर।
- नियमित आय स्रोत बन सकता है और ग्रामीण रोजगार बढ़ सकता है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- व्यवसाय योजना सही होनी चाहिए — सिर्फ लोन लेने पर काम नहीं चलता। दूध की मांग, पशु प्रबंधन, फीड व स्वास्थ्य का प्रबंधन ज़रूरी है।
- कुछ स्कीम्स में सब्सिडी मिलने के बाद बैंक ब्याज राहत देती है। तब तक ब्याज पूरे लोन पर लग सकती है।
- ऋण चुकौती-शुरुआत का समय (ग्रेस-पीरियड) हो सकता है – जितना स्पष्ट होगा उतना बेहतर।
- बैंक व स्कीम की शर्तें व मार्जिन राशि अच्छी तरह समझ लें – भरपूर जानकारी के बिना लोन लेना जोखिम हो सकता है।
- पशुओं की गुणवत्ता, शेड व सफाई, दूध को सही तापमान पर संग्रह करना — ये सब बिजनेस की सफलता के लिए महत्वपूर्ण हैं।
निष्कर्ष
यदि आप डेयरी व्यवसाय में बढ़ना चाहते हैं, तो “डेयरी फार्मिंग लोन” आपके लिए एक उत्कृष्ट अवसर है। सही योजना, पात्रता पूरा करना, भरोसेमंद बैंक से आवेदन करना और समय पर चुकौती करना — इन सभी का मेल होना चाहिए। सरकारी स्कीम व बैंक ऑफर्स का लाभ उठाकर आप कम ब्याज पर लोन ले सकते हैं और अपने डेयरी यूनिट को सफल बना सकते हैं। इस ब्लॉग को अपने गांव के किसान भाइयों-बहनों के साथ भी शेयर करें ताकि वे भी इस जानकारी का लाभ ले सकें।


