किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब सस्ते होंगे ट्रैक्टर और कृषि उपकरण | GST काउंसिल का बड़ा फैसला

भारत के करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। GST काउंसिल ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए ट्रैक्टर, कृषि यंत्र, सिंचाई उपकरण, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम, ट्रैक्टर पार्ट्स और बायोपेस्टिसाइड पर लगने वाला GST 18% से घटाकर सिर्फ 5% कर दिया है। यह बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू होगा। इस फैसले से खेती की लागत घटेगी, किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।

Contents hide
📢 खास जानकारी
सरकारी योजनाओं की अपडेट के लिए WhatsApp ग्रुप जॉइन करें।
जॉइन करें
📢 जरूरी सूचना
मंडी भाव और योजना अपडेट WhatsApp Channel पर पाएं। फॉलो करें

क्यों ज़रूरी था ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों पर GST कम करना

भारत की 60% से ज्यादा आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। किसानों की आय का बड़ा हिस्सा महंगे ट्रैक्टर, कृषि यंत्र, सिंचाई साधन और उर्वरक खरीदने में चला जाता है। पहले जब इन उपकरणों पर 18% GST लगता था, तो छोटे और सीमांत किसानों के लिए नए उपकरण खरीदना मुश्किल हो जाता था। GST को 18% से घटाकर 5% करने के बाद किसानों की लागत कम होगी और वे आसानी से नए ट्रैक्टर, कृषि यंत्र और सिंचाई उपकरण खरीद सकेंगे।

किसानों के लिए GST काउंसिल के फैसले के बड़े फायदे

GST काउंसिल के इस ऐतिहासिक निर्णय का सीधा फायदा किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को होगा। यहाँ जानते हैं मुख्य लाभ:

1. ट्रैक्टर और कृषि यंत्र सस्ते होंगे

पहले ₹6 लाख के ट्रैक्टर पर 18% GST = ₹1.08 लाख टैक्स देना पड़ता था। अब केवल 5% GST = ₹30,000 देना होगा। यानी किसानों को करीब ₹78,000 की सीधी बचत होगी।

2. सिंचाई उपकरण आसानी से उपलब्ध होंगे

ड्रिप सिंचाई सिस्टम, स्प्रिंकलर और माइक्रो इरिगेशन उपकरण अब सस्ते हो जाएंगे। इससे पानी की बचत होगी और फसल उत्पादन में वृद्धि होगी।

3. बायोपेस्टिसाइड और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा

बायोपेस्टिसाइड्स के दाम घटेंगे, जिससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। यह न केवल किसानों की लागत कम करेगा बल्कि मिट्टी की सेहत और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

4. उत्पादन लागत में कमी

कम टैक्स की वजह से कृषि यंत्र, कीटनाशक, उर्वरक और सिंचाई उपकरण सस्ते हो जाएंगे। इससे खेती की कुल लागत घटेगी और किसानों का मुनाफा बढ़ेगा।

कृषि उपकरणों पर GST कम होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल

GST में कमी का असर सिर्फ किसानों पर ही नहीं बल्कि पूरे ग्रामीण बाजार पर पड़ेगा। किसानों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर, कृषि यंत्र, उर्वरक और बीजों की बिक्री में तेजी आएगी। इससे गाँवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

GST प्रणाली में अन्य बड़े बदलाव

GST काउंसिल ने सिर्फ कृषि उपकरणों पर टैक्स नहीं घटाया बल्कि पूरी GST प्रणाली को सरल बनाने के लिए भी बड़े कदम उठाए हैं। अब 12% और 28% की टैक्स दरें खत्म कर दी गई हैं। इसके बाद केवल 5% और 18% की दो टैक्स स्लैब लागू होंगी। इससे व्यापारियों, किसानों और उपभोक्ताओं के लिए टैक्स व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सरल हो जाएगी।

विशेषज्ञों की राय – किसानों पर असर

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला किसानों के लिए ऐतिहासिक है। डॉ. अजय सिंह कहते हैं:
“GST में कमी से छोटे किसानों को बहुत लाभ होगा। अब वे सस्ते दाम पर ट्रैक्टर, कृषि यंत्र और सिंचाई उपकरण खरीद पाएंगे। इससे खेती की लागत घटेगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में सुधार होगा।”

निष्कर्ष

GST काउंसिल का यह फैसला भारत के किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। अब किसान कम दाम में ट्रैक्टर, सिंचाई उपकरण, बायोपेस्टिसाइड और कृषि यंत्र खरीद सकेंगे। खेती की लागत घटने से किसानों की आय बढ़ेगी और देश में आधुनिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। यह निर्णय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएगा और आने वाले समय में खेती को और अधिक टिकाऊ बनाएगा।

नमस्ते दोस्तों! 🙏 मैं राहुल पाटीदार, FarmHindi.com से जुड़ा हूँ, जहाँ हम कृषि, मंडी भाव और ग्रामीण विकास से जुड़ी विश्वसनीय, शोध-आधारित जानकारी आप तक पहुँचाते हैं। हमारी टीम विशेषज्ञों द्वारा सत्यापित तथ्यों और आसान भाषा में लिखे गए लेख प्रकाशित करती है, जो किसानों और गाँवों से जुड़े लोगों के लिए हर दिन उपयोगी साबित होते हैं। हम रोज़ाना देशभर की प्रमुख मंडियों जैसे इंदौर, उज्जैन, नीमच आदि के प्याज, लहसुन और अन्य फसलों के ताज़ा रेट भी फोटो सहित उपलब्ध कराते हैं। अगर आपको हमारा काम पसंद आता है, तो कृपया इसे अधिक से अधिक लोगों के साथ साझा करें और नवीनतम जानकारी पाने के लिए हमारे व्हाट्सऐप चैनल से जुड़ें। आपका सहयोग हमारे लिए प्रेरणा है! 🌱

📣 किसान भाइयों!
ताज़ा मंडी भाव पाने के लिए WhatsApp ग्रुप से जुड़ें। जॉइन करें

Leave a Comment