भारत सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card – KCC) योजना को किसानों की आर्थिक मदद और सस्ते ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया था। 2025 में इस योजना में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि KCC Loan 2025 में क्या नई गाइडलाइंस आई हैं, कितनी ब्याज दर लगेगी, जमीन के अनुसार कितना लोन मिलेगा और किन परिस्थितियों में लोन माफ होगा।
KCC Loan क्या है?
किसान क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत वर्ष 1998 में की गई थी। इसका मुख्य लक्ष्य किसानों को खेती-किसानी, बीज, खाद, मजदूरी और अन्य कृषि जरूरतों के लिए सस्ता और समय पर ऋण उपलब्ध कराना है। इस योजना से किसान साहूकारों पर निर्भर नहीं रहते और उन्हें कम ब्याज दर पर बैंक से सीधा लोन मिलता है।
KCC Loan 2025 की नई गाइडलाइंस
2025 में सरकार ने KCC Loan से जुड़ी कुछ अहम गाइडलाइंस जारी की हैं:
✔ 1. अब किसानों को ₹5 लाख तक का लोन मिलेगा (पहले ₹3 लाख था)
लोन सीमा बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी गई है ताकि किसान बड़े पैमाने पर खेती कर सकें।
✔ 2. केवल 4% ब्याज दर—समय पर भुगतान की शर्त पर
सरकार किसानों को ब्याज में 3% की सब्सिडी देती है।
इस तरह किसान को सिर्फ 4% ब्याज देना पड़ता है।
✔ 3. समय पर लोन चुकाने पर ब्याज में राहत
अगर किसान समय पर लोन चुका देता है तो उसे 3% ब्याज छूट मिलती है।
KCC Loan ब्याज दर 2025 (KCC Loan Interest Rate 2025)
₹3 लाख तक का लोन
- सामान्य ब्याज दर: 7%
- समय पर भुगतान: 3% की छूट
- अंतिम ब्याज: केवल 4%
₹5 लाख तक का लोन
सरकार द्वारा सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी गई है।
- अंतिम ब्याज: 4% (समय पर भुगतान करने पर)
₹5 लाख से अधिक लोन
- पहले ₹5 लाख पर 4% ब्याज
- अतिरिक्त राशि पर बैंक की सामान्य ब्याज दर लागू
जमीन के अनुसार KCC Loan 2025: कितना लोन मिलेगा?
पहले लोन जमीन के आकार के आधार पर मिलता था, लेकिन 2025 की नई गाइडलाइंस में यह बदल दिया गया है।
✔ अब लोन फसल की लागत (Scale of Finance) पर निर्भर करता है:
- अगर किसान उच्च लागत वाली फसल उगाता है → अधिक लोन
- अगर कम लागत वाली फसल है → कम लोन
- बड़ी जमीन होने पर भी लोन उतना ही मिलेगा, जितना फसल की लागत के अनुसार बैंक तय करेगी
बैंक ‘Scale of Finance’ के आधार पर प्रति फसल लागत तय करता है।
KCC Loan पर अतिरिक्त ब्याज और पेनल्टी (Late Payment Charges)
यदि किसान समय पर लोन नहीं चुकाता है तो ब्याज काफी बढ़ जाता है:
1 साल लेट: 7% ब्याज
2 साल लेट: 10.5% ब्याज
3 साल लेट: 13% से अधिक + पेनल्टी
इसी कारण कई किसानों का ₹5 लाख का लोन बढ़कर ₹8–10 लाख तक हो जाता है।
KCC Loan माफी 2025 – किन किसानों को राहत?
KCC Loan माफी सिर्फ दो परिस्थितियों में दी जाती है:
1. सरकारी घोषणा पर (State Loan Waiver)
राज्य सरकारें समय-समय पर KCC लोन माफ करती रहती हैं।
उदाहरण:
- राजस्थान: ₹2–3 लाख तक
- केरल
- कर्नाटक
(नोट: माफी राज्य नीति पर निर्भर है)
2. किसान की मृत्यु या स्थाई विकलांगता पर राहत
- मृत्यु पर: ₹50,000 – ₹1,50,000 तक राहत
- स्थाई विकलांगता पर: ₹25,000 – ₹1,00,000 तक राहत
⚠ ध्यान दें:
यदि राहत के बाद भी लोन बकाया रह जाता है, तो बैंक उत्तराधिकारी से वसूली कर सकती है।
FAQs – KCC Loan 2025 से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल
Q1. किसानों को कितना लोन मिलेगा?
👉 अब किसान ₹5 लाख तक का लोन 4% ब्याज पर ले सकते हैं।
Q2. KCC Loan की ब्याज दर क्या है?
👉 सामान्य दर 7% है, समय पर भुगतान पर 3% की सब्सिडी मिलती है और अंतिम ब्याज 4% बनता है।
Q3. क्या KCC Loan माफ होता है?
👉 हाँ, दो परिस्थितियों में—
- राज्य सरकार की घोषणा
- किसान की मृत्यु या स्थाई विकलांगता
Q4. जमीन के हिसाब से कितना लोन मिलता है?
👉 अब लोन जमीन पर नहीं बल्कि फसल की लागत पर मिलता है।
Q5. KCC लोन लेट भरने पर कितना ब्याज लगता है?
👉 1–3 साल लेट होने पर ब्याज 10–13% तक पहुँच सकता है + पेनल्टी।


