✦ प्रस्तावना
किसान वो हाथ हैं जो भारत की मिट्टी से सोना उपजाते हैं, लेकिन अफ़सोस, वही किसान आधुनिक यंत्रों की कमी के चलते आज भी पसीना बहाकर दो वक़्त की रोटी के लिए जूझता है। खेती के पुराने तरीकों में मेहनत ज़्यादा है और उत्पादन कम। ऐसे में अगर कोई योजना 50% तक सब्सिडी दे दे, तो किसान की ज़िंदगी कितनी बदल सकती है — सोचिए!
✦ कृषि यंत्र अनुदान योजना क्या है?
यह एक सरकारी पहल है जिसमें किसानों को खेती के आधुनिक उपकरणों को खरीदने पर 50% तक की सब्सिडी दी जाती है। यानी आधे दाम में ट्रैक्टर, थ्रेशर, रोटावेटर जैसे यंत्र मिल सकते हैं।
यह योजना केंद्र और राज्य सरकारों की साझेदारी में चलाई जाती है, ताकि हर वर्ग का किसान लाभ उठा सके — चाहे वो सीमांत किसान हो या मध्यम वर्ग का।
✦ योजना के उद्देश्य
- किसानों को आत्मनिर्भर बनाना
- कृषि लागत घटाना
- उत्पादन में वृद्धि करना
- परंपरागत कृषि से आधुनिक कृषि की ओर कदम बढ़ाना
✦ योजना की विशेषताएं
- 40% से 80% तक की सब्सिडी (राज्य और वर्ग के अनुसार)
- SC/ST, महिला और सीमांत किसानों को अधिक सब्सिडी
- सीमित समय में आसान प्रक्रिया
✦ पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
- किसान होना अनिवार्य है
- भूमि का वैध दस्तावेज़ आवश्यक है
- बैंक खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए
- केवल एक बार लाभ मिलेगा
✦ आवेदन की प्रक्रिया
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें:
- संबंधित राज्य के कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाएँ
- ‘कृषि यंत्र अनुदान योजना’ पर क्लिक करें
- अपना रजिस्ट्रेशन करें
- ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करें
- सबमिट करें और रसीद डाउनलोड करें
ऑफलाइन आवेदन कैसे करें:
- नज़दीकी कृषि विभाग कार्यालय जाएँ
- आवेदन फॉर्म लें
- ज़रूरी दस्तावेज़ संलग्न करें
- जमा करें और रसीद लें
✦ आवेदन करते समय ध्यान देने योग्य बातें
- आवेदन करते समय सभी दस्तावेज़ स्पष्ट और वैध होने चाहिए
- एक मोबाइल नंबर का उपयोग करें
- आवेदन फॉर्म भरते समय गलती न करें
- आवेदन की स्थिति समय-समय पर चेक करते रहें
✦ आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- जमीन का खसरा/खतौनी
- बैंक पासबुक की कॉपी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो)
✦ किन यंत्रों पर मिलेगा लाभ?
- ट्रैक्टर
- रोटावेटर
- थ्रेशर
- रीपर
- पावर टिलर
- मल्टीक्रॉप थ्रेशर
- सीड ड्रिल मशीन
- स्ट्रॉ रीपर
✦ सब्सिडी की राशि और प्रतिशत
| श्रेणी | सब्सिडी प्रतिशत | अधिकतम राशि |
|---|---|---|
| सामान्य किसान | 40% | ₹50,000 तक |
| SC/ST / महिला | 50-60% | ₹75,000 तक |
| सीमांत किसान | 50% | ₹60,000 तक |
✦ योजना का लाभ कैसे मिलेगा?
- आवेदन स्वीकार होने के बाद लॉटरी या प्राथमिकता के आधार पर चयन
- चयनित किसान को अनुमोदन पत्र
- यंत्र खरीदने के बाद बिल की प्राप्ति
- बैंक खाते में सब्सिडी का ट्रांसफर
✦ राज्यवार लागू योजना
हर राज्य की कृषि विभाग की वेबसाइट अलग होती है। उदाहरण:
- मध्य प्रदेश: dbt.mpdage.org
- उत्तर प्रदेश: upagrimachinery.in
- राजस्थान: agrimachinery.rajasthan.gov.in
✦ योजना से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य
- एक किसान एक बार ही योजना का लाभ ले सकता है
- योजना सीमित समय के लिए होती है
- ऑनलाइन पोर्टल पर पहले आओ-पहले पाओ आधार पर चयन होता है
✦ किसानों की सच्ची कहानियाँ
रामलाल जी, रीवा (म.प्र.) के एक सीमांत किसान हैं। ट्रैक्टर खरीदना उनका सपना था, लेकिन पैसे नहीं थे। कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत 50% सब्सिडी मिलने के बाद उन्होंने ट्रैक्टर लिया और आज अपने साथ-साथ गाँव के कई किसानों की ज़मीन जोत रहे हैं। उनकी आमदनी दोगुनी हो गई है।
✦ योजना से क्या बदलेगा?
- खेती में लगने वाला समय घटेगा
- उत्पादन बढ़ेगा
- युवा खेती की ओर लौटेंगे
- किसान आत्मनिर्भर बनेंगे
✦ निष्कर्ष
कृषि यंत्र अनुदान योजना सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि किसानों के सपनों को पंख देने वाली पहल है। अगर सही समय पर आवेदन किया जाए और ज़रूरी दस्तावेज़ पूरे हों, तो हर किसान इसका लाभ ले सकता है। अब समय आ गया है कि किसान भी तकनीक को अपनाकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएँ।
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✦ FAQ’s
Q1: क्या किराए पर लिए यंत्र पर सब्सिडी मिलेगी?
नहीं, योजना का लाभ सिर्फ खरीदे गए यंत्रों पर मिलता है।
Q2: क्या महिला किसान अलग से आवेदन कर सकती हैं?
हाँ, महिला किसानों को विशेष प्राथमिकता और अधिक सब्सिडी मिलती है।
Q3: आवेदन करने की अंतिम तारीख क्या है?
हर राज्य में अलग-अलग तारीख होती है, कृषि विभाग की वेबसाइट पर चेक करें।
Q4: सब्सिडी कब तक मिलेगी?
यंत्र खरीदने और बिल जमा करने के 1-2 माह के अंदर सब्सिडी बैंक में ट्रांसफर हो जाती है।
Q5: क्या योजना हर साल लागू होती है?
हाँ, योजना हर साल लागू होती है लेकिन बजट सीमित होता है, इसलिए जल्दी आवेदन करें। READ MORE


