MP भावांतर योजना: 3 अक्टूबर से पंजीयन शुरू

मध्य प्रदेश सरकार ने सोयाबीन के लिए भावांतर योजना की घोषणा

Contents hide

भावांतर में समर्थन मूल्य 2025-26 में ₹5328 प्रति क्विंटल तय

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि सोयाबीन की खरीदी भावांतर योजना के तहत की जाएगी। वर्ष 2025-26 के लिए सोयाबीन का समर्थन मूल्य ₹5328 प्रति क्विंटल रखा गया है।

📢 खास जानकारी
सरकारी योजनाओं की अपडेट के लिए WhatsApp ग्रुप जॉइन करें।
जॉइन करें
📢 जरूरी सूचना
मंडी भाव और योजना अपडेट WhatsApp Channel पर पाएं। फॉलो करें

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने समय पर पंजीकरण (Registration) कराया होगा। इसके लिए किसान भाइयों को अपनी उपज केवल अधिकृत मंडियों में ही बेचना होगा।


भावांतर पंजीकरण की तारीख और प्रक्रिया

सोयाबीन पंजीकरण की प्रक्रिया 3 अक्टूबर 2025 से 25 अक्टूबर 2025 तक चलेगी। यानी किसानों को केवल 22 दिन का समय मिलेगा।

  • पंजीकरण ई-उपार्जन पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाएगा।
  • किसान कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), नजदीकी कृषि उपज मंडी, या फिर ऑनलाइन दुकान पर जाकर भी पंजीकरण कर सकते हैं।

भावांतर योजना पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज

किसानों को पंजीकरण करते समय निम्नलिखित दस्तावेज साथ रखने होंगे:

  1. आधार कार्ड (किसान और खाताधारक का)
  2. समग्र आईडी
  3. खसरा-खतौनी/भूमि दस्तावेज/फसल प्रमाण पत्र
  4. बैंक पासबुक (DBT के लिए)
  5. मोबाइल नंबर (OTP और जानकारी के लिए)
  6. फसल की जानकारी – कितने एकड़ में कौन-सी फसल बोई है

भावांतर में खरीदी अवधि

सोयाबीन खरीदी की योजना की अवधि 1 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक तय की गई है। यानी किसान भाई इस अवधि में अपनी फसल मंडी में बेच सकते हैं।


भावांतर योजना का लाभ कैसे मिलेगा?

यदि मंडी में फसल ₹5328 से कम मूल्य पर बिकती है, तो सरकार MSP और बिक्री मूल्य का अंतर सीधे किसान के बैंक खाते में जमा करेगी।

उदाहरण:

  • अगर आपकी फसल ₹4000 प्रति क्विंटल बिकी, तो आपको ₹1328 प्रति क्विंटल का भावांतर मिलेगा।
  • यदि फसल ₹5000 प्रति क्विंटल बिकी, तो आपको ₹328 प्रति क्विंटल का भावांतर मिलेगा।

सरकार का दावा है कि राशि किसानों के खाते में 15 दिनों के भीतर जमा कर दी जाएगी।


भावांतर में फसल की गुणवत्ता पर जोर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि भावांतर खरीदी गुणवत्ता के आधार पर ही होगी।

  • यदि सोयाबीन में अधिक नमी, मिट्टी या दाग है और उसका भाव केवल ₹2000 से ₹2500 प्रति क्विंटल तय होता है, तो उस पर पूरे ₹3328 का भावांतर नहीं मिलेगा।
  • यानी किसानों को बेहतर समर्थन मूल्य पाने के लिए अपनी फसल की गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी होगा।

मौजूदा बाजार स्थिति

वर्तमान में मध्य प्रदेश की मंडियों में सोयाबीन की कीमत ₹2000 से ₹4000 प्रति क्विंटल के बीच है। ऐसे में किसानों की चिंता यह है कि सरकार क्या वास्तव में ₹2000 में बिक चुकी फसल पर भी ₹3328 का भावांतर देगी या नहीं?

सरकार का कहना है कि जैसे ही अगली जानकारी आएगी, किसानों को अवगत कराया जाएगा।


किसानों की प्रमुख मांगें

किसान भाई लगातार यह मांग कर रहे हैं कि:

  • सोयाबीन का बीमा राशि समय पर मिले।
  • प्राकृतिक आपदा या पीला मोज़ेक रोग जैसी समस्याओं से नष्ट फसलों का सर्वे कराया जाए।
  • प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदान किया जाए।

किसानों की आवाज और सरकार की जिम्मेदारी

किसानों की तरफ से यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या घोषित समर्थन मूल्य वास्तव में जमीनी स्तर पर लागू होगा या नहीं। किसान संगठनों का कहना है कि अगर सरकार ईमानदारी से भावांतर योजना लागू करती है, तो निश्चित ही किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।


निष्कर्ष

मध्य प्रदेश सरकार की यह योजना किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने का प्रयास है। हालांकि, असली राहत तभी मिलेगी जब पंजीकरण की प्रक्रिया पारदर्शी हो और भावांतर की राशि समय पर सीधे किसानों के खातों में पहुंचे।



📣 किसान भाइयों!
ताज़ा मंडी भाव पाने के लिए WhatsApp ग्रुप से जुड़ें। जॉइन करें

Leave a Comment