किसानों के लिए बड़ी खबर है: मध्य प्रदेश सरकार ने ‘मूंगफली छिलक करने वाली मशीन’ यानी ग्राउंडनट डिकार्टिकेटर – शक्तिचलित (Groundnut Decorticator Machine – powered) पर ₹ 1 लाख तक की सब्सिडी देने की घोषणा की है। इस मशीन से मूंगफली के दानों को उनके छिलकों (स्किन) से अलग करना आसान हो जाता है, जिससे खेती एवं उत्पादकता दोनों में सुधार होता है।
नीचे आप इस योजना का पूरा विवरण, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, पात्र जिले आदि जानेंगे — ताकि आप समय रहते आवेदन कर सकें और लाभ उठा सकें।
क्या है यह मशीन?
“ग्राउंडनट डिकार्टिकेटर मशीन” या अंग्रेजी में Groundnut Decorticator Machine एक ऐसी कृषि यंत्र है जो मूंगफली (groundnut/peanut) के दानों को उनकी बाहरी छिलकों (shells) से अलग करती है — अर्थात छिलका अलग होना और दाना निकलना आसान और तेज हो जाता है।
मात्रा-वृद्धि, श्रम-कम और समय-बचत जैसी खूबियाँ इस मशीन की प्रमुख विशेषताएं हैं।
सब्सिडी कितनी मिलेगी?
- मशीन की क्षमता के अनुसार लागत ₹ 32,000 से लेकर ₹ 1,00,000 तक हो सकती है।
- सरकार ने ₹ 1 लाख तक की सब्सिडी तय की है (आपके जिले व श्रेणी के मुताबिक)।
- औपचारिक वेबसाईट या समाचार में यह स्पष्ट है कि मशीन-शक्ति वाले उपकरणों पर सब्सिडी होती है।
नोट: आपके द्वारा चुनी गई मशीन की क्षमता, श्रेणी (SC/ST/अन्य), तथा पहले से लाभ-प्राप्त 여부 पर सब्सिडी का प्रतिशत भिन्न हो सकता है।
किन जिलों के किसान आवेदन कर सकते हैं?
नीचे उन जिलों की सूची है जहाँ के किसान इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं:
- खरगोन
- छतरपुर
- छिंदवाड़ा
- टीकमगढ़
- दतिया
- निवाड़ी
- बड़वानी
- बैतूल
- शिवपुरी
- सिवनी
यदि आप उपरोक्त जिलों में से किसी में स्थित हैं, तो आप पात्र हैं—अन्य जिलों में भी हो सकता है अलग-सूचना हो, इसलिए स्थानीय कृषि विभाग से पुष्टि कर लें।
आवेदन करने की अंतिम तिथि
- आवेदन की अंतिम तिथि 11 नवम्बर 2025 रखी गई है।
- इस तिथि तक आवेदन किया जाना अनिवार्य है ताकि सब्सिडी-लाभ लेने का अवसर हाथ से न निकल जाए।
- देर से आवेदन होने पर लाभ में कट-छाँट या अस्वीकृति संभव है।
आवेदन के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
आवेदन करते समय निम्न दस्तावेज़ों की प्रतियाँ तैयार रखें:
- ₹ 3,000 की Demand Draft (DD) — (निर्धारित बैंक/नाम पर)
- आधार कार्ड
- खसरा / बी-1 दस्तावेज़ (भूमि का पंजीकरण / भूमि विवरण)
- बैंक पासबुक (खाता संख्या तथा IFSC सहित)
- ट्रैक्टर की RC (यदि आवश्यकता हो मशीन इंस्टॉलेशन के लिए)
इन दस्तावेजों में कोई त्रुटि होने पर आवेदन प्रक्रिया अधूरा माना जा सकता है।
आवेदन की प्रक्रिया
- ऑनलाइन जाएँ: e‑कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल (MP) — लिंक : farmer.mpdage.org (या संबंधित कृषि विभाग का पोर्टल)
- नए किसान हैं तो पंजीकरण करें, अन्यथा लॉगिन करें।
- आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें और DD की स्कैन कॉपी लगाएँ।
- मशीन-विवरण (मॉडल, क्षमता, शक्ति, लागत) दर्ज करें।
- स्थानीय कृषि विभाग/डिप्लिया/वितरण एजेंसी द्वारा सत्यापन के बाद सब्सिडी स्वीकृति व भुगतान की प्रक्रिया पूरी होगी।
- मशीन स्थापित होने के बाद अंतिम रजिस्ट्रेशन व उपयोग का प्रमाण दें- उससे ही भुगतान की स्थिति स्पष्ट होगी।
इस योजना के क्या-क्या लाभ हैं?
- आधुनिक मशीन मिलने से खेती-कार्य में श्रम-कम एवं समय-कम होगा।
- मूंगफली छिलाई (shelling) की लागत घटेगी, छिलकों की बिक्री/उपयोग बेहतर होगा।
- उत्पादन व गुणवत्ता में सुधार संभव है, जिससे आय में बढ़ोतरी।
- सरकार द्वारा बड़े हिस्से की लागत ट्वी किया हुआ है, जिससे किसानों की आर्थिक-दबाव कम होगा।
सुझाव किसान भाइयों-बहनों के लिए
- आवेदन से पहले मशीन की क्षमता, ब्रांड, विक्रेता विश्वसनीय है या नहीं यह खंगाल लें।
- DD राशि जुटा लें और समय पर आवेदन करें ताकि अंतिम तिथि के बाद परेशानी न हो।
- मशीन इन्स्टालेशन के बाद उसका नियमित रख-रखाव करें ताकि उसका लाभ लंबा चले।
- यदि जानकारी में कोई कन्फ्यूजन हो, तो अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या किसान मित्र सहायता केन्द्र से संपर्क करें।
- अन्य राज्यों में या अन्य जिलों में भी ऐसी योजनाएँ हो सकती हैं—अगर आपका जिला ऊपर सूची में नहीं है तो स्थानीय खबर-सूचना जांच लें।
निष्कर्ष
यदि आप मध्य प्रदेश के उपरोक्त जिलों में हैं और मूंगफली की खेती करते हैं, तो यह योजना आपके लिए एक सुनहरा अवसर है। ग्राउंडनट डिकार्टिकेटर मशीन पर ₹ 1 लाख तक सब्सिडी मिलने वाला यह मौका समय रहते आवेदन करके अवश्य लें। आवेदन की अंतिम तिथि 11 नवम्बर 2025 है—तो देर न करें।


