MP किसानों के लिए बड़ी खबर! सोयाबीन फसल नुकसान पर मुआवजा और बीमा राशि अक्टूबर 2025 से खातों में। जिलेवार सूची व पूरी जानकारी यहां पढ़ें।
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने उन किसानों को मुआवजा और फसल बीमा का लाभ देने की घोषणा की है, जिनकी सोयाबीन की फसल येलो मोजेक वायरस, कीट प्रकोप या अतिवृष्टि के कारण बर्बाद हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में शाजापुर में आयोजित एक जनसभा के दौरान यह ऐलान किया कि प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सर्वे कार्य जारी
फिलहाल राज्य के अलग-अलग जिलों में फसल नुकसान का सर्वेक्षण तेज़ी से किया जा रहा है। ग्राम पंचायत सचिव, सरपंच, कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी और राजस्व विभाग के कर्मचारी खेतों में जाकर फसल की स्थिति का आकलन कर रहे हैं। सर्वे के आधार पर जिला-वार रिपोर्ट सरकार तक पहुंचाई जा रही है। इसी रिपोर्ट के आधार पर किसानों को मुआवजा और बीमा राशि का भुगतान किया जाएगा।
किन जिलों में कितना नुकसान?
मुख्यमंत्री द्वारा अब तक सात जिलों का प्रारंभिक आंकड़ा साझा किया गया है। इन जिलों में सोयाबीन फसल को बड़े पैमाने पर क्षति पहुँची है।
- खंडवा – लगभग 14,700 हेक्टेयर भूमि पर सोयाबीन की फसल खराब।
- सीहोर – करीब 3,000 हेक्टेयर में नुकसान दर्ज।
- हरदा – शुरुआती आंकड़ों के अनुसार 167 हेक्टेयर से अधिक भूमि प्रभावित।
- उज्जैन – लगभग 20,743 हेक्टेयर भूमि पर फसल बर्बाद।
- मंदसौर – शुरुआती सर्वे में करीब 60 हेक्टेयर प्रभावित।
- रतलाम – लगभग 28,400 हेक्टेयर क्षेत्र में नुकसान दर्ज।
- देवास – अब तक का सबसे बड़ा नुकसान, करीब 62,000 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित।
- शाजापुर – लगभग 45,200 हेक्टेयर भूमि पर सोयाबीन फसल खराब।
यह आंकड़े अभी प्रारंभिक सर्वे के आधार पर सामने आए हैं। जैसे-जैसे सर्वे आगे बढ़ेगा, क्षति का दायरा और स्पष्ट होगा।
अन्य जिलों में भी सर्वे जारी
इन सात जिलों के अलावा धार, नर्मदापुरम, सागर समेत कई अन्य जिलों में भी फसल नुकसान का सर्वे कार्य जारी है। इन जिलों के आंकड़े जल्द ही सरकार द्वारा जारी किए जाएंगे। किसानों का कहना है कि येलो मोजेक वायरस और लगातार हुई बारिश ने फसलों की पैदावार पर गहरा असर डाला है।
भुगतान की प्रक्रिया
सरकार ने स्पष्ट किया है कि फसल बीमा और मुआवजा राशि किसानों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की जाएगी। हालांकि, पूरी प्रक्रिया में समय लगेगा क्योंकि पहले सर्वे पूरा होगा, फिर सभी जिलों का डाटा संकलित कर बजट निर्धारित किया जाएगा।
हाल ही में सरकार ने 6 सितंबर को लगभग 21 करोड़ रुपये 17,500 किसानों के खातों में ट्रांसफर किए थे। आने वाले समय में इसी तरह बड़े पैमाने पर प्रभावित किसानों को मुआवजा और बीमा राशि दी जाएगी।
कब मिलेगा पैसा?
अधिकारियों के अनुसार, सितंबर माह में भुगतान की संभावना नहीं है क्योंकि सर्वे का कार्य अभी चल रहा है। अक्टूबर माह में दीपावली से पहले सरकार प्रभावित किसानों के खातों में राहत राशि ट्रांसफर कर सकती है।
राज्य सरकार को फसल बीमा की दूसरी किस्त के रूप में किसानों को लगभग 8,000 करोड़ रुपये वितरित करने हैं। इसके अलावा, मुआवजा राशि का अलग बजट भी केंद्र और राज्य सरकार मिलकर तैयार करेंगे। अनुमान है कि अक्टूबर में बीमा और मुआवजा, दोनों ही किसानों को एक साथ प्राप्त होंगे।
किसानों के लिए राहत
किसानों को उम्मीद है कि सरकार जल्द से जल्द अंतिम आंकड़े जारी करेगी ताकि उन्हें समय पर आर्थिक सहायता मिल सके। राज्य सरकार का दावा है कि किसी भी पात्र किसान को मुआवजे से वंचित नहीं रखा जाएगा।


