Soybean Advisory 2025: मध्य प्रदेश में सोयाबीन फसल को भारी नुकसान, सरकार ने शुरू की सर्वे प्रक्रिया

Soybean Advisory 2025 – मध्य प्रदेश में इस साल सोयाबीन की फसल को येलो मोज़ेक वायरस, इल्लियों के प्रकोप और अतिवृष्टि की वजह से भारी नुकसान हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने Soybean Advisory जारी की है और प्रभावित जिलों में फसल सर्वे शुरू कर दिया गया है। किसान अपने क्षेत्र के पटवारी या तहसील कार्यालय से संपर्क करके मुआवज़ा और फसल बीमा की दूसरी किस्त का लाभ ले सकते हैं।

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सोयाबीन फसल को भारी नुकसान

भोपाल। इस बार मध्य प्रदेश के कई जिलों में सोयाबीन की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, Yellow Mosaic Virus और armyworm इल्लियों के कारण बड़ी संख्या में खेतों में लगी फसलें प्रभावित हुई हैं।
इसलिए, कृषि विभाग की ओर से किसानों को Soybean Advisory दी जा रही है, जिसमें उन्हें फसल बचाने और नुकसान के आकलन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है।

प्रशासनिक स्तर पर फसल सर्वे की शुरुआत

पिछले कुछ दिनों से प्रभावित जिलों में तहसीलदार, पटवारी, ग्राम सचिव और प्रशासनिक अधिकारी खेतों का दौरा कर रहे हैं।
वे खेतों में जाकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं, किसानों की शिकायतें सुन रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
एसडीएम खुद भी अपने क्षेत्रों में जाकर Soybean Crop Damage की स्थिति का जायज़ा ले रहे हैं।

किसानों को मिलेगा मुआवज़ा

सरकार की ओर से आदेश जारी किए गए हैं कि जिन किसानों की सोयाबीन फसल खराब हुई है, उन्हें उचित मुआवज़ा राशि दी जाएगी।
हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रभावित किसानों के खातों में लगभग ₹20 करोड़ की राहत राशि ट्रांसफर की है।
इससे पहले भी राज्य सरकार किसानों को ₹800 करोड़ से अधिक की सहायता राशि प्रदान कर चुकी है।

फसल बीमा योजना की दूसरी किस्त

कृषि मंत्रालय के अनुसार, जिन किसानों को अभी तक फसल बीमा की राशि नहीं मिली है, उन्हें जल्द ही भुगतान किया जाएगा।
लगभग ₹8000 करोड़ की राशि किसानों को दी जाएगी और यह पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर होगा।
इसके लिए किसानों को अपना फसल सर्वे पूरा करवाना होगा।

किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह (Soybean Advisory)

यदि आपकी सोयाबीन की फसल खराब हो चुकी है, तो इन कदमों का पालन करें:

  1. तुरंत पटवारी, तहसीलदार या एसडीएम कार्यालय से संपर्क करें।
  2. अपने खेत का फसल सर्वे करवाएँ।
  3. बीमा कंपनी से क्लेम की स्थिति की जानकारी लें।
  4. सरकार द्वारा जारी Soybean Advisory को ध्यान से पढ़ें और उसका पालन करें।
  5. कृषि विभाग द्वारा सुझाई गई दवाइयों और उपचारों का ही उपयोग करें।

निष्कर्ष

इस समय मध्य प्रदेश के किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि वे सरकार द्वारा जारी की गई Soybean Advisory 2025 को ध्यान से पढ़ें और उसका पालन करें।
समय पर फसल सर्वे और बीमा क्लेम कराने से नुकसान की भरपाई की जा सकती है।

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