मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में मुख्यमंत्री मोहन यादव आज 21 अक्टूबर 2025 को सोयाबीन किसानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा करने वाले हैं। जानिए किन जिलों के किसानों को दीपावली से पहले मुआवजा और राहत राशि मिलेगी।
उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा ऐलान: सोयाबीन किसानों को मुआवजा राशि आज मिल सकती है
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में आज 21 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री मोहन यादव का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री उन किसानों को बड़ी राहत देने वाले हैं जिन्हें अब तक सोयाबीन फसल मुआवजा राशि नहीं मिल पाई थी।
सरकार के मुताबिक, जिन जिलों में 3 अक्टूबर 2025 को मुआवजा वितरण नहीं हो पाया था, वहां के किसानों के खाते में आज दीपावली से पहले राहत राशि डाली जा सकती है।
किन जिलों के किसानों को मिलेगा सोयाबीन मुआवजा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहले ही घोषणा की थी कि देवास, शाजापुर, उज्जैन, हरदा, सिहोर, नर्मदापुरम, और सागर जैसे जिलों में जहां सोयाबीन फसल का सर्वे पूरा हो चुका है, वहां के किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
आज दोपहर 12 बजे के बाद उज्जैन में होने वाले कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री यह राहत राशि जारी करेंगे। इसके साथ ही वे कई विकास कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे।
कैसे तय होती है मुआवजा राशि
राज्य सरकार यह राशि RBC 6(4) के नियमों के अंतर्गत दे रही है। इस नियम के अनुसार, यदि किसी क्षेत्र में 25% से अधिक फसल नुकसान होता है, तभी किसान को मुआवजा राशि दी जाती है।
जिन जिलों में नुकसान 25% से कम पाया गया है, वहां किसानों को यह राहत राशि नहीं मिलेगी, लेकिन वे फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा भुगतान के पात्र रहेंगे।
वर्तमान में प्रशासन द्वारा गांव-गांव सर्वे कार्य जारी है। जहां-जहां सर्वे पूरा हुआ है, वहां किसानों के खाते में राशि डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कब मिलेगा बीमा का पैसा?
बीमा राशि किसानों को बाद में दी जाएगी। सरकार और बीमा कंपनियाँ वर्ष 2025 खरीफ सीजन के लिए भुगतान प्रक्रिया तैयार कर रही हैं। सोयाबीन, मक्का और धान जैसी फसलों का बीमा सर्वे भी जल्द शुरू होगा।
इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा जल्द आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
किसानों के लिए जरूरी सूचना
- अगर आपके क्षेत्र में सर्वे पूरा हो गया है, तो आप जल्द ही मुआवजा राशि की उम्मीद कर सकते हैं।
- जिन जिलों में सर्वे बाकी है, वहां के किसानों को थोड़ा इंतजार करना होगा।
- जिन क्षेत्रों में फसल का नुकसान 25% से कम है, वहां बीमा राशि ही उपलब्ध होगी।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री मोहन यादव का यह कदम मध्य प्रदेश के लाखों किसानों के लिए राहत लेकर आया है। सोयाबीन किसानों के खाते में दीपावली से पहले मुआवजा राशि पहुंचना एक बड़ी सौगात है।
किसान भाई यह जरूर जांच लें कि उनके क्षेत्र में सर्वे पूरा हुआ है या नहीं, ताकि उन्हें इस राहत योजना का लाभ मिल सके।


