ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए सरकार अब किसानों को तकनीक से जोड़ने पर ज़ोर दे रही है। खासकर सिंचाई के पारंपरिक तरीकों की जगह अब ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसे आधुनिक सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार ने इस दिशा में एक बड़ी पहल की है – ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली पर 75% तक का अनुदान। आइए जानें कि यह योजना क्या है, कौन पात्र है और कैसे करें आवेदन।
ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली क्या है?
ड्रिप सिस्टम का परिचय
ड्रिप सिंचाई प्रणाली में पौधों की जड़ों तक सीधा पानी पहुँचाया जाता है। इससे जल की बर्बादी नहीं होती और हर पौधे को उसकी जरूरत के अनुसार पानी मिलता है।
स्प्रिंकलर सिस्टम कैसे काम करता है?
स्प्रिंकलर सिस्टम बारिश की तरह सिंचाई करता है। यह प्रणाली बड़ी फसलों के लिए आदर्श है और जल को समान रूप से खेत में फैलाती है।
पारंपरिक सिंचाई बनाम आधुनिक सिंचाई प्रणाली
जल संरक्षण में अंतर
पारंपरिक सिंचाई में अधिक पानी खर्च होता है जबकि ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम में 30-60% तक जल की बचत होती है।
उत्पादन में सुधार
पौधों को संतुलित मात्रा में पानी मिलने से फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बेहतर होते हैं।
इस योजना का उद्देश्य और लाभ
जल संसाधनों का संरक्षण
सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि हर बूंद पानी का सही उपयोग हो।
किसानों की आय में बढ़ोतरी
कम लागत में अधिक उत्पादन से किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी सुनिश्चित की जाती है।
75% अनुदान किन्हें मिलेगा?
पात्रता मानदंड
- किसान का नाम खसरा/खतौनी में होना चाहिए
- सिंचाई प्रणाली के लिए भूमि उपलब्ध हो
- राज्य में निवासरत होना जरूरी है
प्राथमिकता वाले वर्ग
- छोटे और सीमांत किसान
- अनुसूचित जाति/जनजाति
- महिला किसान
किस राज्य में मिल रही है यह सब्सिडी?
मध्य प्रदेश की सरकारी पहल
मध्य प्रदेश सरकार ने इस योजना की शुरुआत की है ताकि राज्य के किसान जल संरक्षण तकनीकों को अपनाएं।
योजना का दायरा
प्रदेश के सभी जिलों में यह योजना लागू है, विशेष रूप से सूखा प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता दी जा रही है।
योजना के अंतर्गत मिलने वाले उपकरण
ड्रिप किट्स
इनमें पाइप, फिल्टर, वॉल्व, ड्रिपलाइन, और कंट्रोल यूनिट शामिल होती हैं।
स्प्रिंकलर सेट्स
इनमें स्प्रिंकलर हेड्स, पाइप्स, स्टैंड और कनेक्टर्स आते हैं।
आवेदन की पूरी प्रक्रिया स्टेप-बाय-स्टेप
| स्टेप | विवरण |
|---|---|
| स्टेप 1 – किसान पंजीयन | https://mpfsts.mp.gov.in या e-Krishi Yantra पोर्टल पर किसान पंजीकरण करें। |
| स्टेप 2 – ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन | लॉगिन करें और “ड्रिप/स्प्रिंकलर अनुदान योजना” का चयन करें। |
| स्टेप 3 – दस्तावेज़ अपलोड करना | सभी जरूरी दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड, भू-अधिकार पत्र, बैंक पासबुक आदि) स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड करें। |
| स्टेप 4 – फील्ड वेरिफिकेशन | आवेदन के बाद कृषि विभाग की टीम आपके खेत का निरीक्षण करेगी। |
| स्टेप 5 – अनुदान स्वीकृति और उपकरण वितरण | वेरिफिकेशन के पश्चात सब्सिडी स्वीकृत होगी और उपकरण (ड्रिप/स्प्रिंकलर) वितरित किए जाएंगे। |
किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है?
- भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक की कॉपी
- पासपोर्ट साइज फोटो
योजना की समय-सीमा और आवेदन तिथि
आवेदन की अंतिम तिथि
आमतौर पर योजना के लिए 31 जुलाई तक आवेदन किया जा सकता है।
विलंब शुल्क या विस्तारित तिथि
कुछ परिस्थितियों में तारीख बढ़ाई जा सकती है, इसके लिए पोर्टल पर अपडेट चेक करते रहें।
योजना से जुड़े मुख्य पोर्टल और वेबसाइट्स
मोबाइल से आवेदन कैसे करें?
मोबाइल ऐप का उपयोग
e-Krishi Yantra ऐप से आवेदन और ट्रैकिंग संभव है।
SMS अलर्ट और ट्रैकिंग सुविधा
आवेदन की स्थिति SMS और पोर्टल पर चेक की जा सकती है।
योजना से मिलने वाले लाभों के उदाहरण
सफल किसान कहानियां
सीहोर के किसान रमेश ने इस योजना के माध्यम से ड्रिप सिस्टम लगाया और अब 40% पानी की बचत कर रहा है।
पानी की बचत और लागत में कमी
इस तकनीक से पानी, समय और मेहनत तीनों की बचत होती है।
सरकार की अन्य संबंधित योजनाएं
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)
- मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना
- जल शक्ति अभियान
आम समस्याएं और समाधान
पोर्टल से जुड़ी तकनीकी दिक्कतें
कई बार पोर्टल स्लो चलता है, ऐसे में सुबह या देर रात आवेदन करें।
सहायता केंद्र और हेल्पलाइन
किसी भी समस्या के लिए कृषि विभाग या टोल फ्री नंबर 1800-233-4112 पर संपर्क करें।
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निष्कर्
ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली से जुड़ी यह अनुदान योजना न केवल किसानों की सिंचाई लागत को कम करती है, बल्कि जल संरक्षण में भी एक बड़ा कदम है। मध्य प्रदेश सरकार की यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है। अगर आप किसान हैं और अपनी खेती को लाभदायक बनाना चाहते हैं, तो इस योजना का जरूर लाभ उठाएं।


