प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की दूसरी किस्त पर सवाल – किसानों की बढ़ी चिंता

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की दूसरी किस्त पर सवाल – किसानों की बढ़ी चिंता

₹8000 करोड़ की बकाया राशि का इंतजार

किसान भाइयों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) की दूसरी किस्त अब तक जारी नहीं हुई है। करीब ₹8000 करोड़ की राशि अभी भी किसानों को नहीं मिली है, जिसका इंतजार पूरे मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों के किसान कर रहे हैं।

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सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने के बजाय वर्ष 2025 की खरीफ फसलोंसोयाबीन, धान और मक्का — के नुकसान का survey कराने के निर्देश दिए हैं। जिलों के अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे बारिश से प्रभावित फसलों का सर्वे करें और नुकसान का आकलन तैयार करें।


बीमा सर्वे जारी, लेकिन पुरानी राशि पर सस्पेंस

बैतूल जिले के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी पोस्ट के अनुसार, जिले में बारिश से प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कार्य जारी है। कृषि विभाग के उपसंचालक के मुताबिक, सितंबर और अक्टूबर 2025 में हुई वर्षा से खरीफ की फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है।

SBI General Insurance Company के टोल फ्री नंबर पर अब तक 14,447 शिकायतें दर्ज हुई हैं — जिनमें से

  • सोयाबीन के लिए: 13,413
  • मक्का के लिए: 1,224
  • धान के लिए: 4
  • उड़द और ज्वार के लिए: कुछ सीमित शिकायतें शामिल हैं।

अब तक 14,253 किसानों का सर्वे पूरा हो चुका है और 392 मामलों में कार्य प्रगति पर है।


किसानों के मन में सवाल – पुराना बीमा कब मिलेगा?

प्रशासन की ओर से वर्तमान खरीफ फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू हो गया है, लेकिन किसानों का मुख्य प्रश्न यह है कि पिछले वर्ष (2024) की जो बीमा राशि बकाया है, वह कब तक जारी होगी?

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा कई बार यह घोषणा की गई थी कि किसानों को जल्द ही फसल बीमा की राशि दी जाएगी — और दीपावली से पहले भुगतान होने की उम्मीद जताई गई थी। लेकिन अब तक सरकार या प्रशासन की ओर से कोई नई जानकारी सामने नहीं आई है।


बीमा और मुआवजा वितरण में देरी

मध्य प्रदेश सरकार ने अब तक केवल 1100–1200 करोड़ रुपए की राशि 30 जिलों में वितरित की है। कई जिलों से किसानों ने शिकायत की है कि उन्हें ₹1 तक नहीं मिला, और कुछ को बहुत कम भुगतान किया गया है।

इसके साथ ही, सरकार ने करीब ₹100 करोड़ की मुआवजा राशि (compensation amount) भी जारी की है, लेकिन अधिकांश किसानों के खातों में वह पैसा अब तक credited नहीं हुआ है। यह राशि प्रशासनिक प्रक्रियाओं या बैंकिंग सिस्टम में pending बताई जा रही है।


नई खरीफ फसल के लिए बीमा क्लेम प्रक्रिया

वर्तमान खरीफ सीजन (Kharif Season 2025) में जिन किसानों की फसल बारिश से खराब हुई है, उन्हें 72 घंटे के भीतर अपनी क्षति की सूचना देनी होगी। इसके लिए किसान बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 14447 या जिला प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

यह प्रक्रिया सही दिशा में एक कदम है ताकि किसानों को इस वर्ष का बीमा मिल सके, लेकिन पिछली बकाया राशि को लेकर सरकार को जल्द स्थिति स्पष्ट करनी होगी।


निष्कर्ष (Conclusion)

किसान समुदाय इस समय दोहरी चिंता में है — एक ओर उन्हें वर्तमान खरीफ फसलों के नुकसान से राहत चाहिए, और दूसरी ओर वे पिछले बीमा भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। सरकार द्वारा पारदर्शी update और ठोस timeline जारी करना आवश्यक है ताकि किसानों का भरोसा बना रहे।


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