योजना का परिचय
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) किसानों के लिए सरकार की एक क्रांतिकारी पहल है, जिसकी शुरुआत 2016 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य है – किसानों को फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा देना। आज के समय में जब मौसम अचानक बदल जाता है, कीट और रोग फसलों को बर्बाद कर देते हैं, ऐसे में बीमा ही एकमात्र समाधान है।
योजना कब और क्यों शुरू हुई?
खेती अब केवल मेहनत का नहीं, बल्कि जोखिम का काम बन चुका है। बदलते मौसम, बेमौसम बारिश, सूखा, ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाएं किसानों की कमर तोड़ देती हैं। इन्हीं परिस्थितियों से निपटने के लिए PMFBY की नींव रखी गई।
किसानों को क्यों है ज़रूरत इस बीमा की?
क्योंकि नुकसान की भरपाई अब बीमा करेगा। सरकार ने कम प्रीमियम दरों पर ज्यादा सुरक्षा देने का वादा किया है।
फसल बीमा सप्ताह 2025 क्या है?
1 जुलाई से 7 जुलाई तक चलने वाला जागरूकता सप्ताह
देशभर में खरीफ फसलों की बुवाई शुरू हो चुकी है। ऐसे में 1 जुलाई से 7 जुलाई 2025 तक सरकार ‘फसल बीमा सप्ताह’ मना रही है। इस दौरान किसानों को बीमा के महत्व और प्रक्रिया के बारे में बताया जाएगा।
इस सप्ताह का उद्देश्य
- ज्यादा से ज्यादा किसानों को योजना से जोड़ना
- बीमा की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाना
- तकनीकी और डिजिटल सहायता देना
खरीफ सीजन के लिए बीमा पंजीकरण
1 जुलाई से शुरू, सीमित समय के लिए खुला
किसान 1 जुलाई 2025 से बीमा आवेदन कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे, ये सुविधा सीमित समय के लिए ही उपलब्ध है, इसलिए देरी न करें।
अपने गांव के सभी किसानों को बताएं
अगर आप इस योजना से जुड़े हैं तो अपने आसपास के किसानों को भी बताएं। ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ेंगे तभी इसका असली लाभ मिलेगा।
बीमा योजना के मुख्य लाभ
प्राकृतिक आपदा से सुरक्षा
बेमौसम बारिश, सूखा, ओलावृष्टि, कीट रोग – सबकुछ कवर होता है इस बीमा में।
कम प्रीमियम, ज्यादा कवरेज
खरीफ: सिर्फ 2%, रबी: सिर्फ 1.5%, जबकि बाकी का प्रीमियम सरकार देती है।
भरोसेमंद क्लेम प्रोसेस
फसल नुकसान के बाद सर्वे किया जाता है और किसान के बैंक खाते में सीधे मुआवजा भेजा जाता है।
कौन कर सकता है आवेदन?
ऋणी और गैर-ऋणी किसान
PMFBY के तहत दोनों तरह के किसान – जिन्होंने लोन लिया हो या नहीं – आवेदन कर सकते हैं।
पात्रता की शर्तें
- किसान होना अनिवार्य
- भूमि दस्तावेज़ उपलब्ध होने चाहिए
- फसल बोई हो
बीमा प्रीमियम की दरें
| फसल | प्रीमियम दर |
|---|---|
| खरीफ फसलें | 2% |
| रबी फसलें | 1.5% |
| उद्यानिकी फसलें | 5% |
आवेदन कैसे करें?
CSC सेंटर से पंजीकरण
अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं, आधार कार्ड और भूमि रिकॉर्ड लेकर।
ऑनलाइन पोर्टल से आवेदन
- वेबसाइट: https://pmfby.gov.in
- पंजीकरण करें, जानकारी भरें, प्रीमियम जमा करें और रसीद प्राप्त करें
आवेदन के लिए ज़रूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- भूमि के कागज़ात (खसरा/खतौनी)
- बैंक पासबुक की कॉपी
- फसल का विवरण
फसल नुकसान पर मुआवजा कैसे मिलेगा?
दावे की प्रक्रिया
- नुकसान के 72 घंटे के भीतर स्थानीय अधिकारी को सूचित करें
- बीमा कंपनी सर्वे करेगी
- रिपोर्ट तैयार होने पर बैंक खाते में भुगतान
योजना से जुड़ी अहम बातें
समय पर आवेदन क्यों ज़रूरी?
क्योंकि आखिरी तारीख के बाद बीमा पॉलिसी नहीं बनती। देर करने पर किसान मुआवज़े के हकदार नहीं रहेंगे।
टोल फ्री नंबर 14447 की मदद
कोई भी सवाल या समस्या होने पर तुरंत कॉल करें: 14447
निष्कर्ष | FarmHindi
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केवल एक बीमा नहीं, बल्कि किसानों के भविष्य की सुरक्षा है। आज जब जलवायु परिवर्तन हर सीजन को अनिश्चित बना रहा है, PMFBY किसानों के लिए संजीवनी बन चुका है। ‘फसल बीमा सप्ताह’ के दौरान बीमा अवश्य करवाएं और अपने गांव के किसानों को भी प्रेरित करें।


