📰 राजस्थान में फसल बीमा घोटाला: 122 करोड़ का फर्जीवाड़ा, हजारों किसानों के क्लेम हुए शून्य
राजस्थान में फसल बीमा योजना के नाम पर एक बड़ा घोटाला सामने आया है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की जांच में खुलासा हुआ है कि बीमा कंपनियों ने लगभग 177000 किसानों के क्लेम शून्य कर दिए, जबकि किसानों ने बाकायदा प्रीमियम की राशि जमा की थी। दो सालों — खरीफ 2023, रबी 2023, खरीफ 2024 और रबी 2024 — की चार फसलों के दौरान यह फर्जीवाड़ा हुआ।
🌾 किसानों के साथ बड़ा अन्याय
सोचिए, जिन किसानों की पूरी आजीविका फसलों पर टिकी थी, उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया गया। मौसमी कहर से फसलें बर्बाद हुईं, लेकिन जब बीमा क्लेम मिलने की उम्मीद थी, कंपनियों ने उसे ‘जीरो’ कर दिया। जांच में पाया गया कि किसानों और कृषि विभाग के कर्मचारियों के हस्ताक्षर फर्जी थे।
🧾 जांच में चौंकाने वाले तथ्य
कुल 32,000 फार्म प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 3,000 से अधिक फॉर्म फर्जी पाए गए। यह घोटाला केवल 122 करोड़ रुपये का नहीं, बल्कि मंत्री के अनुसार यह रकम 500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। गंगानगर जोन के कई जिलों — गंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर — से जुड़े हजारों किसान इस धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं।
🕵️♂️ जांच और आगे की कार्रवाई
डॉ. मीणा ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। कृषि पर्यवेक्षकों की भी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है, क्योंकि खराबी की रिपोर्टें तैयार करने के बावजूद बीमा कंपनियों ने क्लेम मंजूर नहीं किए।
सरकार अब उन बीमा कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी में है जो इस घोटाले में शामिल पाई गई हैं।
⚖️ किसानों को न्याय कब मिलेगा?
राजस्थान के “अनाज के कटोरे” माने जाने वाले क्षेत्रों में किसानों के साथ हुआ यह घोटाला सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि नैतिक भी है। सरकार को चाहिए कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और किसानों को उनका हक — यानी बीमा क्लेम — तुरंत दिलाया जाए।


