🌧 मानसून की दस्तक और खरीफ बुवाई की शुरुआत
देश के कई हिस्सों में मानसून पहुंच चुका है और किसान अब खरीफ फसलों की बुवाई में जुट चुके हैं। धान और मक्का के साथ सोयाबीन की खेती भी जोरों पर है। लेकिन अच्छी पैदावार के लिए एक जरूरी कदम है जिसे कई किसान नजरअंदाज कर देते हैं — बीजोपचार (Seed Treatment)।
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⚠️ क्यों जरूरी है सोयाबीन का बीजोपचार
बुवाई के बाद 15 से 20 दिन सबसे नाजुक होते हैं, इसी दौरान कीट और फफूंद सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं।
- अंकुरण के समय पौधे कमजोर होते हैं, ऐसे में बीजोपचार करके आप इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं।
- वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे पैदावार में 15-20% तक वृद्धि देखी गई है।
✅ कृषि वैज्ञानिकों की सलाह – 3 चरणों में करें बीजोपचार
कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों ने किसानों के लिए बीजोपचार की आसान और असरदार 3-चरणीय प्रक्रिया बताई है। इसे अपनाकर किसान अपने खेत की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
🥇 चरण 1: फफूंदनाशक (Fungicide) से उपचार
- दवा का नाम: Penflufen 13.28% + Trifloxystrobin 13.28% FS
- मात्रा: 1 मिलीलीटर प्रति किलो बीज
- उपयोग: फफूंदजनित बीमारियों से अंकुरण के समय सुरक्षा
🥈 चरण 2: कीटनाशक (Insecticide) से उपचार
- दवा का नाम: Thiamethoxam 30% FS
- मात्रा: 10 मिलीलीटर प्रति किलो बीज
- उपयोग: जड़ में लगने वाले कीटों और शुरुआती कीट संक्रमण से बचाव
🥉 चरण 3: जैविक बैक्टीरिया से उपचार
- बैक्टीरिया का नाम: Bradyrhizobium Japonicum
- मात्रा: 10 ग्राम प्रति किलो बीज
- फायदा: पौधे की जड़ों में नाइट्रोजन फिक्सेशन को बढ़ावा देता है
🌱 बीजोपचार के फायदे – जानिए कैसे मिलती है बेहतर फसल
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| 🚫 रोगों से सुरक्षा | 15-20 दिनों तक कीट और फफूंद से पौधे सुरक्षित रहते हैं |
| 🌿 तेज़ वृद्धि | जड़ों में नाइट्रोजन फिक्सिंग नोड्यूल्स का विकास |
| 💰 उत्पादन में वृद्धि | स्वस्थ पौधे अधिक दाने और अच्छी गुणवत्ता देते हैं |
| 🧬 टिकाऊ फसल | रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार होता है |
📌 किसानों के लिए सुझाव
- बीजोपचार के बाद बीजों को छाया में सुखाकर ही बुवाई करें।
- किसी भी रसायन का उपयोग करने से पहले दस्ताने और मास्क पहनें।
- हमेशा प्रामाणिक दवाओं का ही प्रयोग करें।
- यदि जैविक बीजोपचार कर रहे हैं, तो उसे अंतिम चरण में करें और तुरंत बुवाई करें।
👨🌾 निष्कर्ष: स्मार्ट किसान बनें, बीजोपचार से न चूकें!
बीजोपचार कोई विकल्प नहीं बल्कि जरूरत है। यदि आप अपने खेत में सोयाबीन की उच्च पैदावार चाहते हैं, तो बुवाई से पहले यह 3-चरणीय बीजोपचार जरूर करें। इससे फसल की अच्छी शुरुआत होती है और आगे चलकर आपकी मेहनत भी रंग लाती है।
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