तेजस गेहूं से 2 क्विंटल अधिक पैदावार देने वाली नवीनतम वैरायटी – Wheat Variety HI 8830

मध्य भारत के किसानों के लिए यह खुशखबरी है कि अब HI 8830 गेहूं (पूसा कीर्ति) उपलब्ध है, जो उच्च पैदावार गेहूं के रूप में जाना जाता है। यह नई Wheat Variety HI 8830 विशेष रूप से मध्य प्रदेश, दक्षिण राजस्थान, बुंदेलखंड, गुजरात और छत्तीसगढ़ के लिए विकसित की गई है। HI 8830 की खेती से किसान कम सिंचाई में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं और बाजार में अच्छा मूल्य भी प्राप्त होता है।

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HI 8830 (पूसा कीर्ति) की मुख्य विशेषताएँ

1. उच्च पैदावार और गुणवत्ता

HI 8830 wheat yield पुराने पूसा तेजस गेहूं की तुलना में प्रति बीघा लगभग 2 क्विंटल अधिक देती है। इसके दाने चमकदार, सुनहरे और आकार में लंबे (elliptical) होते हैं। 1000 दानों का वजन लगभग 50 ग्राम है। बालियों में आरेकल ठोस होने के कारण खिरने की समस्या नहीं आती और थोड़ी वर्षा होने पर भी दाने का रंग खराब नहीं होता।

2. Bio-fortified गुण

Bio-fortified wheat HI 8830 में जिंक (Zn) 37.9 ppm और लोह (Fe) 37.6 ppm की मात्रा है। इसकी सेडीमेन्टेशन वैल्यू 33.8 ML होने से यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर की उच्च गुणवत्ता वाली गेहूं वैरायटी है।

3. पौधे की संरचना

  • मध्यम ऊँचाई लगभग 90 सेमी
  • फैलावदार और घनी टिलरिंग
  • मजबूत और चौड़ी पत्तियाँ
  • मोमी सतह और बालियों पर रूए नहीं
  • फसल अवधि लगभग 120 दिन
  • कम सिंचाई में भी उच्च उत्पादन

HI 8830 (पूसा कीर्ति) की बोवनी और उर्वरक प्रबंधन

HI 8830 seed rate 113 किलो/हेक्टेयर या लगभग 45 किलो/एकड़ है।
लाइन से लाइन दूरी 20 सेमी रखनी चाहिए।
बोवनी का समय: 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक।
उर्वरक: संतुलित NPK और जिंक 100:50:25 किग्रा/हेक्टेयर।

सिंचाई और पैदावार

HI 8830 irrigation कम सिंचाई में भी उच्च पैदावार देने में सक्षम है। सामान्यत: 1-2 सिंचाई में अच्छे परिणाम मिलते हैं। विशेष परिस्थितियों में 3-4 सिंचाई से लगभग 17 क्विंटल प्रति बीघा उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

सिंचाई रोकने का सही समय: दाने में दूध भरने (जीव पड़ने) की अवस्था 85-90 दिन के बाद। इससे दाने का आकार और बाजार मूल्य बेहतर रहता है।

HI 8830 (पूसा कीर्ति) क्यों चुनें?

  1. अधिक उत्पादन और बेहतर बाजार भाव
  2. कम सिंचाई में भी उच्च पैदावार
  3. अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता वाले बीज
  4. पोषक तत्वों से भरपूर (जिंक और लोह)
  5. स्थानीय और निर्यात दोनों के लिए उपयुक्त
  6. टिलरिंग अधिक होने से भूसा भी ज्यादा मिलता है

किसानों का कहना है कि HI 8830 गेहूं कम पानी में भी अधिक उपज देता है और बालियों में फसल गिरने की समस्या कम होती है। इस प्रकार किसान उच्च पैदावार और अच्छा बाजार मूल्य दोनों का लाभ उठा सकते हैं।

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