किसान भाइयों!
सोयाबीन की फसल इस समय विकास की अवस्था में है, लेकिन बदलते मौसम, बढ़ती नमी और सफेद मक्खी (Whitefly) के कारण येलो मोज़ेक वायरस का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। यह एक वायरल बीमारी है, जो पत्तियों में पीले चकत्ते बनाती है और धीरे-धीरे पूरी फसल की उपज को प्रभावित करती है।
इस बीमारी का मुख्य कारण सफेद मक्खी होती है, जो एक पौधे से दूसरे पौधे में वायरस फैलाती है। अगर समय रहते इसका नियंत्रण नहीं किया, तो 40% से 70% तक फसल को नुकसान हो सकता है।
येलो मोज़ेक वायरस के लक्षण (Symptoms)
अगर आप किसान हैं, तो खेत में जाते ही ये लक्षण पहचानें:
- 🌿 पत्तियों पर पीले-हरे चकत्ते
- 🌿 पत्तियों का मोड़ना और सिकुड़ना
- 🌿 पौधों की बढ़वार रुकना
- 🌿 फूल और दाने न बनना
- 🌿 पूरी फसल की उपज घट जाना
टिप: अगर खेत में 20% से अधिक पौधों पर लक्षण दिखें, तो तुरंत नियंत्रण के उपाय अपनाएँ।
येलो मोज़ेक वायरस फैलने के कारण
Yellow Mosaic Virus in Soybean का सबसे बड़ा कारण सफेद मक्खी (Whitefly) है।
इसके फैलने के मुख्य कारण हैं:
- बदलता मौसम और बढ़ती नमी
- समय पर दवा का छिड़काव न करना
- संक्रमित खरपतवार का खेत में होना
- पास के खेतों में लगी संक्रमित फसल
सोयाबीन में येलो मोज़ेक वायरस से होने वाला नुकसान
| प्रकोप का स्तर | उपज में कमी (%) | लक्षण |
|---|---|---|
| हल्का | 10-20% | कुछ पत्तियों पर पीले चकत्ते |
| मध्यम | 25-40% | पत्तियाँ सिकुड़ना, बढ़वार रुकना |
| गंभीर | 50-70% | पूरी फसल नष्ट होने की संभावना |
येलो मोज़ेक वायरस नियंत्रण के उपाय (Control Methods)
1️⃣ शुरुआती नियंत्रण (Yellow Mosaic Virus Control)
- संक्रमित पत्तियों और पौधों को खेत से बाहर निकालें और नष्ट करें।
- खेत में 20-25 पीले चिपचिपे कार्ड (Yellow Sticky Traps) प्रति एकड़ लगाएँ।
- खेत और आसपास की खरपतवार हटाएँ।
2️⃣ रासायनिक नियंत्रण (कृषि विभाग द्वारा अनुशंसित दवाएँ)
दवा का छिड़काव हल्की हवा में सुबह या शाम को करें।
| दवा का नाम | खुराक / हेक्टेयर | कैसे उपयोग करें |
|---|---|---|
| एसिटामिप्रिड 25% + बिफेंथ्रिन 25% WG | 250 ग्राम / 500 लीटर पानी | स्प्रे करें |
| डायनोटेफ्यूरान 20% SG | 150 ग्राम | 500 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव |
| बुप्रोफेज़िन 25% SC | 1 लीटर | 500 लीटर पानी में मिलाएँ |
| थायोमेथोक्साम 25% WG | 100 ग्राम | पंप से छिड़काव करें |
3️⃣ बीज उपचार (Seed Treatment)
- बुवाई से पहले थायमेथोक्साम 30% WS/FS @ 6ml प्रति किलो बीज से बीज उपचार करें।
- स्वस्थ और प्रमाणित बीजों का ही उपयोग करें।
फसल बचाने के लिए 7 जरूरी टिप्स
- खेत में नियमित निगरानी करें।
- शुरुआती लक्षण पर तुरंत नियंत्रण के उपाय अपनाएँ।
- एक साथ कई किसानों के खेत में स्प्रे करें।
- खरपतवार को पूरी तरह नष्ट करें।
- उचित समय पर बुवाई करें।
- फसल चक्र अपनाएँ, बार-बार एक ही खेत में सोयाबीन न लगाएँ।
- कीटनाशक इस्तेमाल से पहले कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें।
कृषि विभाग की किसानों को सलाह
कृषि विभाग ने किसानों को चेतावनी दी है कि इस समय सोयाबीन में येलो मोज़ेक वायरस का खतरा अधिक है।
किसी भी कीटनाशक का प्रयोग करने से पहले कृषि विस्तार अधिकारी या कृषि विशेषज्ञ से परामर्श लें।
समय पर सतर्कता और सही उपाय अपनाकर किसान भाई अपनी फसल को बड़े नुकसान से बचा सकते हैं।


